
कटक। ओडिशा के कटक शहर में 15 वर्षीय स्कूली छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को महानदी नदी के किनारे छात्र का शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे सोशल मीडिया से जुड़ा कथित प्रेम त्रिकोण होने की आशंका जताई जा रही है। कटक पुलिस ने मामले में एक नाबालिग संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जबकि दूसरा नाबालिग अभी फरार है। दोनों संदिग्ध कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं। पुलिस फरार किशोर की तलाश के साथ घटना से जुड़े डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
कटक के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) खिलारी ऋषिकेश ज्ञानेश्वर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना का संबंध प्रेम प्रसंग से होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, हत्या के वास्तविक कारणों और संदिग्धों की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
महानदी किनारे मिला छात्र का शव
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह कटक के निचले बालीयात्रा मैदान के पास महानदी के किनारे कुछ स्थानीय लोग स्नान करने पहुंचे थे।
इसी दौरान उनकी नजर एक किशोर के शव पर पड़ी। शरीर पर चोटों के निशान देखकर लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही कैंटोनमेंट थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। वैज्ञानिक जांच टीम को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि घटना से जुड़े आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा सकें।
दसवीं कक्षा का छात्र था मृतक
मृतक की पहचान 15 वर्षीय सुमंत कुमार साहू उर्फ मुनू के रूप में हुई है।
वह कटक के राजा बगीचा क्षेत्र में अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था। उसका परिवार मूल रूप से कटक जिले के बांकी क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
सुमंत शहर के एक विद्यालय में दसवीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं।
रविवार को बेटे की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में शोक का माहौल छा गया। परिजनों ने हत्या की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रेम त्रिकोण से जुड़ी हत्या की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में छात्र की हत्या के पीछे कथित प्रेम त्रिकोण का मामला सामने आया है।
अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर बने संपर्कों और आपसी संबंधों के कारण विवाद पैदा होने की आशंका है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित किशोरों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था और क्या इसी कारण छात्र पर हमला किया गया।
हालांकि, किसी व्यक्तिगत संबंध को हत्या का निश्चित कारण मानने के लिए अभी पर्याप्त पुष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम स्पष्ट करने में जुटी है।
एक नाबालिग हिरासत में, दूसरा फरार
कटक के डीसीपी खिलारी ऋषिकेश ज्ञानेश्वर के अनुसार, हत्या के मामले में एक नाबालिग संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।
हिरासत में लिया गया किशोर कटक के एक कॉलेज में पढ़ता है।
वहीं, दूसरा संदिग्ध भुवनेश्वर के एक कॉलेज का छात्र है। पुलिस के मुताबिक, वह अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
दोनों नाबालिगों की कथित भूमिका के संबंध में जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दूसरे संदिग्ध से पूछताछ के बाद घटना से जुड़े अतिरिक्त तथ्य सामने आ सकते हैं।
छात्र की गर्दन पर मिले चोट के निशान
प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं।
विशेष रूप से गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के संकेत सामने आए हैं।
घटनास्थल के आसपास खून के निशान भी पाए गए।
जानकारी के अनुसार, महानदी किनारे लगभग 100 मीटर तक खून के धब्बे मिले हैं।
इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्र पर हमला किस स्थान पर हुआ और उसका शव नदी किनारे कैसे पहुंचा।
सुनसान जगह बुलाकर हमला करने का संदेह
पुलिस को आशंका है कि छात्र को किसी बहाने महानदी किनारे बुलाया गया होगा।
इसके बाद उस पर हमला किए जाने की संभावना की जांच की जा रही है।
घटनास्थल अपेक्षाकृत सुनसान बताया जा रहा है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्र वहां किस उद्देश्य से पहुंचा था।
उसकी घटना से पहले की गतिविधियों और संपर्क में रहे व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों ने अभी हत्या की पूरी घटनाक्रम श्रृंखला सार्वजनिक नहीं की है।
घटना से पहले घर पहुंचे थे दो संदिग्ध व्यक्ति
मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि घटना से दो-तीन दिन पहले कुछ लोग रात में उनके घर पहुंचे थे।
इन लोगों ने सुमंत के बारे में पूछताछ की थी।
परिजनों के अनुसार, जब उन्हें बताया गया कि छात्र घर पर नहीं है तो वे वहां से लौट गए।
पुलिस इस जानकारी की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का प्रयास है कि घर आने वाले व्यक्तियों की पहचान की जाए और यह पता लगाया जाए कि उनका हत्या से कोई संबंध है या नहीं।
फिलहाल इन व्यक्तियों की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया और कॉल रिकॉर्ड की जांच
पुलिस इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मान रही है।
जांच के दौरान मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों का प्रयास है कि घटना से पहले छात्र की किन लोगों से बातचीत हुई थी, यह स्पष्ट किया जा सके।
इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से किसी तरह के विवाद, धमकी या मिलने की योजना के संकेत मिले थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
वैज्ञानिक जांच टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी और कैंटोनमेंट थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
वैज्ञानिक टीम और खोजी कुत्तों की सहायता से घटनास्थल के आसपास जांच की गई।
शरीर पर मिले चोटों के निशान तथा घटनास्थल से प्राप्त अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या के तरीके और मौत के कारणों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
नाबालिग संदिग्धों पर लागू होगी विशेष कानूनी प्रक्रिया
इस मामले में दोनों संदिग्ध नाबालिग बताए जा रहे हैं। इसलिए उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई किशोर न्याय कानून के अनुसार की जाएगी।
कानून के तहत नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक करने पर प्रतिबंध है।
इसके अलावा किसी संदिग्ध को हिरासत में लिए जाने का अर्थ उसका दोषी साबित होना नहीं है।
जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई निर्धारित होगी।
छात्र की मौत से इलाके में चिंता
दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र की हत्या ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है।
परिवार यह जानना चाहता है कि आखिर छात्र की हत्या किस कारण हुई और इसमें कौन-कौन शामिल था।
पुलिस अब फरार नाबालिग की तलाश के साथ हत्या की पूरी साजिश और घटनाक्रम का पता लगाने में जुटी है।
शुरुआती जांच में प्रेम त्रिकोण का संदेह सामने आया है, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। जांच अधिकारियों के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती डिजिटल साक्ष्यों, चिकित्सकीय रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करना है।





